21 सितम्बर 2017 ,गुरुवार शारदीय नवरात्रि -
श्री देवी स्थापना व घट स्थापना शुभ मुहूर्त(चौघड़िया अनुसार )
प्रातः 6 से 7:30 व 10 :30 से दोपहर 3 बजे तक
सायं 4 :30 से 6 व रात्रि 6 से 9 बजे तक
श्री देवी स्थापना व घट स्थापना शुभ मुहूर्त (स्थिर लग्न अनुसार )
प्रातः 5 :39 से 7:53 व 12 :24 से 2 :29 बजे तक
सायं 5 :50 से 7 :20 व रात्रि 10 :58 से 1:11 बजे तक
*गुरुवार से गुरुवार नवरात्रि का महासंयोग।
पालकी में बैठकर आयेगी माँ जगदम्बा, सुख समृद्धिदायक होगे 9 दिन के नवरात्र,मिलेगा 9 लाख गुना फल*
ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेन्द्र शास्त्रीAstroMitramभोपाल के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से 21 सितम्बर 2017 गुरुवार को शारदीय नवरात्र का आरंभ होगा, इस बार नवरात्रि 9 दिन की है।शारदीय नवरात्र में शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पर्व 21 सितम्बर से शुरू होकर 29 सितम्बर को समाप्त होगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेन्द्र शास्त्री,भोपाल के अनुसार इस बार माँ दुर्गा का आगमन पालकी से होगा जो अति शुभ है देवीपुराण में नवरात्रि में भगवती के आगमन व प्रस्थान के लिए वार अनुसार वाहन बताये इस बार माता का आगमन व गमन जनजीवन के लिए हर प्रकार की सिद्धि देने वाला है दुर्गा जी शनिवार को पालकी पर सवार होकर आयेगी एवं गुरुवार को विसर्जन होने से पालकी पर ही बेठकर जायेगी जो संसार मे सुख,समृद्धि व शांति देगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेन्द्र शास्त्री,भोपाल के अनुसार इस बार गुरुवार के दिन हस्त नक्षत्र में घट स्थापना के साथ शक्ति उपासना का पर्व काल शुरु होगा। गुरुवार के दिन हस्त नक्षत्र में यदि देवी आराधना का पर्व शुरू हो, तो यह देवीकृपा व इष्ट साधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
देवी भागवत में नवरात्रि के प्रारंभ व समापन के वार अनुसार माताजी के आगमन प्रस्थान के वाहन इस प्रकार बताये है
आगमन वाहन-रविवार व सोमवार को हाथी,
शनिवार व मंगलवार को घोड़ा
गुरुवार व शुक्रवार को पालकी
बुधवार को नौका आगमन होता है
प्रस्थान वाहन-रविवार व सोमवार भैसा
शनिवार और मंगलवार को सिंह
बुधवार व शुक्रवार को गज हाथी
गुरुवार को नर वाहन पर प्रस्थान करती
नवरात्रि के
9दिन के होगे विशेष व 30 सितम्बर को सर्वार्थसिद्धि योग में मनेगा दशहरा,
21 सितम्बर घटस्थापना, गुरुवार+हस्त नक्षत्र योग।
22सितम्बर द्वितीया ,रवियोग
23 सितम्बर तृतीया,रवियोग,सर्वार्थसिद्धि
24 सितम्बर चतुर्थी,रवियोग
25 सितम्बर चतुर्थी,रवियोग , सर्वार्थसिद्धि
26 सितम्बर षष्ठी,रवियोग
27 सितम्बर सप्तमी,रवियोग
28 सितम्बर दुर्गाअष्टमी महापूजा
29 सितम्बर महानवमी रवियोग -
30 सितम्बर विजयादशमी,रवियोग, सर्वार्थसिद्धि योग
ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेन्द्र शास्त्री,AstroMitram

0 comments:
Post a Comment